गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार देर रात एक 12 वर्षीय बच्चे की चीख-पुकार से पुलिस और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। बाइक पर बैठा बच्चा रास्ते भर खुद के अपहरण की बात कहकर मदद की गुहार लगाता रहा। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्चे का पता लगाया। जांच में सामने आया कि यह अपहरण का मामला नहीं, बल्कि पढ़ाई से बचने के लिए बच्चे द्वारा रची गई कहानी थी।
रास्ते भर अपहरण का शोर मचाता रहा बच्चा
जानकारी के अनुसार, चिलुआताल क्षेत्र की शास्त्रीनगर कॉलोनी निवासी 12 वर्षीय छात्र शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ता है। वह पिछले कई दिनों से राप्तीनगर स्थित अपने मामा के घर रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, वहां वह पढ़ाई से बचते हुए दिनभर घूमता रहता था। मंगलवार रात उसकी मां अपने भाई के साथ उसे बाइक से घर लेकर लौट रही थीं। इसी दौरान बच्चा लगातार चिल्लाता रहा कि उसका अपहरण हो गया है और उसे बचाया जाए।
राहगीरों की सूचना पर तुरंत सक्रिय हुई पुलिस
बच्चे की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। अपहरण की आशंका को देखते हुए चिलुआताल और शाहपुर थाना पुलिस तत्काल हरकत में आई। पुलिस ने इलाके में पूछताछ शुरू की और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी।
करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई
पुलिस ने बच्चे तक पहुंचने के लिए एक-एक कर लगभग 50 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। शुरुआती फुटेज में बच्चा बाइक पर बैठा चिल्लाता दिखाई दिया, जबकि बाइक पर एक महिला और एक पुरुष भी मौजूद थे। इसके बाद पुलिस ने पूरी रूट की निगरानी करते हुए बच्चे का पता लगाया और शास्त्रीनगर स्थित उसके घर पहुंची।
पूछताछ में सामने आई असली वजह
रात करीब दो बजे तक चली पूछताछ में बच्चे ने बताया कि उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता और वह अपने मामा के घर ही रहना चाहता था। इसी कारण उसने रास्ते में अपहरण का शोर मचाया, ताकि लोग उसे वापस मामा के घर भेज दें। बच्चे की बात सामने आने के बाद पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली।
परिजनों के अनुरोध पर फिर मामा के घर भेजा गया
पूछताछ पूरी होने के बाद परिजनों के अनुरोध और बच्चे की जिद को देखते हुए उसे दोबारा उसके मामा के घर भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अपहरण की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई थी और जांच में मामला पूरी तरह पारिवारिक निकला। बच्चा सुरक्षित है तथा आवश्यक पूछताछ पूरी कर ली गई है।
